8वें वेतन आयोग: ₹54,000 न्यूनतम बेसिक पे की मांग क्यों कर रहा है कर्मचारी संगठन?
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर कर्मचारी संगठनों की मांगें सामने आने लगी हैं। फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन्स (FNPO) ने नेशनल काउंसिल, जॉइंट कंसल्टेटिव मैकेनिज्म (NC-JCM) को एक ज्ञापन भेजकर 8वें वेतन आयोग के लिए 3.0 से 3.25 के बीच फिटमेंट फैक्टर तय करने की मांग की है।
अगर 3.0 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो वर्तमान ₹18,000 न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर ₹54,000 हो सकती है। उच्च स्तर के कर्मचारियों के लिए यह वृद्धि और अधिक हो सकती है।
लेकिन सवाल उठता है कि 3.0 का फिटमेंट फैक्टर कैसे तय किया गया? क्या यह सिर्फ एक अनुमान है या इसके पीछे कोई गणित है? आइए समझते हैं।
फिटमेंट फैक्टर तय करने का आधार
वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन तय करने के लिए 1957 की 15वीं इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस (ILC) द्वारा तय किए गए मानकों को आधार माना जाता है। यह मानक डॉ. वॉलेस ऐक्रॉयड के वैज्ञानिक पोषण मॉडल पर आधारित हैं, जिन्हें सरकार और कर्मचारी संगठनों दोनों ने स्वीकार किया है।
इन मानकों के अनुसार कर्मचारी संगठनों द्वारा आवश्यक वस्तुओं की एक खपत टोकरी (Consumption Basket) तैयार की जाती है। इसमें उन जरूरी खर्चों को शामिल किया जाता है जो एक कर्मचारी के परिवार के लिए आवश्यक होते हैं, जैसे:
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अनाज, दाल, फल और सब्जियां
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दूध और खाद्य तेल
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कपड़े
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ईंधन और बिजली
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पानी का खर्च
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परिवार के लिए मनोरंजन
इस गणना में लग्जरी या गैर-जरूरी खर्चों को शामिल नहीं किया जाता, जिससे गणना वास्तविक और संतुलित रहती है।
अलग-अलग शहरों के दामों के आधार पर गणना
FNPO ने अपनी सिफारिश तैयार करने के लिए देश के प्रमुख शहरों जैसे:
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दिल्ली
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मुंबई
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चेन्नई
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कोलकाता
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बेंगलुरु
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हैदराबाद
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भुवनेश्वर
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तिरुवनंतपुरम
के खुदरा बाजार भावों को आधार बनाया और उनका औसत निकालकर खर्च का अनुमान लगाया।
इसके अलावा कर्मचारी संगठनों ने हाउसिंग और स्किल डेवलपमेंट खर्च को भी आवश्यक जरूरतों में शामिल किया है।
नए खर्च भी जोड़े गए
8वें वेतन आयोग के लिए कर्मचारी संगठनों ने कुछ ऐसे खर्च भी शामिल किए हैं जो 15वीं ILC में नहीं थे, लेकिन आज के समय में आवश्यक माने जाते हैं। इनमें शामिल हैं:
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एलपीजी गैस
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मोबाइल और इंटरनेट खर्च
इन सबको जोड़कर तैयार किए गए खर्च के आधार पर न्यूनतम वेतन का अनुमान लगाया गया है।
खपत टोकरी के आधार पर अनुमान
FNPO की गणना के अनुसार:
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कुल आवश्यक उपभोग खर्च: ₹19,940
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ईंधन, बिजली और पानी (30%): ₹6,066
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सामाजिक खर्च (त्योहार, चिकित्सा आदि): ₹7,886
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हाउसिंग (7.5%): ₹2,563
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स्किल कंपोनेंट (25%): ₹9,184
इन सबको जोड़ने के बाद तीन सदस्यीय परिवार के लिए न्यूनतम वेतन लगभग ₹45,918, यानी लगभग ₹46,000 निकलता है।
परिवार इकाई बढ़ाने की मांग
FNPO ने यह भी सुझाव दिया है कि 8वें वेतन आयोग में परिवार इकाई को 3 से बढ़ाकर 5 किया जाए, जिसमें माता-पिता को भी शामिल किया जाए।
अगर ऐसा होता है तो न्यूनतम वेतन की मांग ₹76,000 से अधिक तक पहुंच सकती है।
₹54,000 न्यूनतम बेसिक पे की मांग
FNPO का कहना है कि कोविड के बाद जीवन-यापन की लागत, चिकित्सा खर्च और अन्य आवश्यक खर्चों में तेज बढ़ोतरी हुई है। इसलिए 8वें वेतन आयोग को:
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कम से कम ₹54,000 न्यूनतम बेसिक वेतन
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3.0 फिटमेंट फैक्टर
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7.5% हाउसिंग प्रावधान
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25% स्किल कंपोनेंट
को ध्यान में रखकर वेतन तय करना चाहिए।

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