₹1.20 लाख कटे, रिटर्न सिर्फ ₹3,000 — NPS पर भड़का विवाद; OPS बहाली की मांग तेज
आठवें वेतन आयोग की चर्चाओं के बीच NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) को लेकर कर्मचारियों में नाराज़गी तेज होती जा रही है। एक सरकारी कर्मचारी की वायरल चैट में दावा किया गया कि उसके NPS अकाउंट से अब तक करीब ₹1.20 लाख कट चुके हैं, लेकिन रिटर्न केवल ₹3,000 ही मिला है।
इस चैट का स्क्रीनशॉट Dr Manjeet Singh Patel (राष्ट्रीय अध्यक्ष, ऑल इंडिया NPS इंप्लॉई फेडरेशन) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया। उन्होंने NPS को भविष्य का संभावित “वित्तीय स्कैम” तक बता दिया।
NPS का सबसे बड़ा लूपहोल क्या?
डॉ. पटेल के अनुसार NPS की सबसे बड़ी कमजोरी इसका शेयर बाजार (Equity) से जुड़ा होना है।
- बाजार गिरने पर फंड की वैल्यू घटती है
- पिछले कुछ समय में कई कर्मचारियों को हजारों-लाखों का नुकसान
- कोई गारंटीड रिटर्न नहीं
उन्होंने सवाल उठाया कि:
“जब बैंक लोन पर फिक्स ब्याज लेते हैं, तो कर्मचारियों के हजारों करोड़ रुपये के फंड पर गारंटी क्यों नहीं?”
NPS vs OPS: कर्मचारी OPS की मांग क्यों कर रहे हैं?
1. पैसे की कटौती
- NPS: कर्मचारी की बेसिक + DA का 10% कटता है, सरकार 14% जोड़ती है
- OPS: कर्मचारी से कोई कटौती नहीं
2. गारंटी का फर्क
- OPS: तय पेंशन + GPF पर ~7.1% ब्याज गारंटी
- NPS: पूरा रिटर्न बाजार पर निर्भर
3. पैसे तक पहुंच
- OPS (GPF): जरूरत पड़ने पर पैसा निकाल सकते थे
- NPS: अधिकतर राशि रिटायरमेंट तक लॉक
2033–34 में आ सकता है बड़ा संकट?
डॉ. पटेल ने एक गंभीर आशंका जताई:
- 2004 में भर्ती कर्मचारी 2033–34 में रिटायर होंगे
- एक साथ लाखों लोग 60% फंड निकालेंगे
- इससे बाजार में भारी गिरावट आ सकती है
उन्होंने यह भी आशंका जताई कि उस समय यूनिट वैल्यू जानबूझकर कम की जा सकती है, जिससे कर्मचारियों को कम भुगतान मिले।
“यूनिट का खेल”: एक झटके में लाखों का नुकसान
मार्केट जोखिम को समझाते हुए उन्होंने उदाहरण दिया:
- अगर यूनिट वैल्यू ₹50 से गिरकर ₹42 हो जाए
- तो ₹50 लाख का फंड ₹8 लाख तक घट सकता है
ऐसी गिरावट रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका बन सकती है।
NPS में नुकसान के मुख्य कारण
- गारंटी का अभाव: न्यूनतम रिटर्न सुनिश्चित नहीं
- CAG की सिफारिश लंबित: MARS (Minimum Assured Return System) अभी लागू नहीं
- फंड मैनेजर्स का जोखिम ट्रांसफर: लाभ में हिस्सेदारी, नुकसान कर्मचारी का
- ग्लोबल घटनाओं का असर: युद्ध या संकट में फंड वैल्यू गिरती है
UPS में भी कमियां बरकरार
सरकार की नई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में भी दो बड़े मुद्दे बताए गए:
1. VRS के बाद इंतजार
- 20 साल सेवा के बाद VRS लेने पर
- पेंशन 60 साल की उम्र के बाद ही मिलेगी
2. 25 साल सेवा की शर्त
- पूरी पेंशन के लिए 25 साल सेवा जरूरी
- कम सेवा पर आनुपातिक (कम) पेंशन
👉 इससे कई कर्मचारियों को पूरा लाभ नहीं मिल पाता
कर्मचारियों की मुख्य मांग क्या है?
डॉ. पटेल के अनुसार:
- कम से कम गारंटीड रिटर्न दिया जाए
- या OPS बहाल की जाए
- पूर्ण सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
उन्होंने साफ कहा:
“जब तक गारंटी नहीं मिलेगी, कर्मचारियों का आंदोलन जारी रहेगा।”
निष्कर्ष
NPS बनाम OPS की बहस अब अपने चरम पर है। ₹1.20 लाख की कटौती और सीमित रिटर्न जैसे उदाहरणों ने कर्मचारियों के भरोसे को कमजोर किया है।
अब सबकी नजरें आठवें वेतन आयोग पर टिकी हैं—
👉 क्या सरकार गारंटीड पेंशन देगी या मौजूदा सिस्टम में ही बदलाव करेगी?

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