सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा अपडेट: चुनावी पद धारण करने के नियमों पर DoPT ने लोकसभा में दी जानकारी
सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा अपडेट: चुनावी पद धारण करने के नियमों पर DoPT ने लोकसभा में दी जानकारी
केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि केंद्रीय सरकारी कर्मचारी किसी भी संस्था, संगठन, समिति या संघ में चुनावी पद (Elective Office) पर अधिकतम दो कार्यकाल या पाँच वर्ष, जो भी पहले पूरा हो, तक ही बने रह सकते हैं। इसके लिए संबंधित सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति लेना भी अनिवार्य होगा।
यह जानकारी 22 जुलाई 2026 को लोकसभा में पूछे गए एक अतारांकित प्रश्न (संख्या 491) के लिखित उत्तर में कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दी।
सांसद ने क्या पूछा था?
सदन में सांसद ने सरकार से जानना चाहा था कि क्या कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के मौजूदा आदेश केवल सरकारी खेल संघों तक सीमित हैं, या फिर इनका दायरा अन्य संगठनों पर भी लागू होता है, जैसे:
- दुर्गा पूजा समितियां
- रामलीला समितियां
- जागरण समितियां
- निजी एसोसिएशन एवं फेडरेशन
- धार्मिक संगठन
- ट्रस्ट एवं सोसायटी
इसके साथ ही यह भी पूछा गया कि क्या इन संस्थाओं में चुनाव लड़ने या पद धारण करने के लिए सरकारी कर्मचारियों को पहले से अनुमति लेनी होगी।
सरकार का आधिकारिक जवाब
1. सभी निकायों पर लागू: सरकारी कर्मचारी किसी भी निकाय में—चाहे वह पंजीकृत हो या अपंजीकृत—अधिकतम दो कार्यकाल या पाँच वर्ष (जो भी पहले हो) तक ही चुनावी पद पर रह सकते हैं।
2. पूर्व स्वीकृति अनिवार्य: ऐसे किसी भी चुनाव में भाग लेने या पद धारण करने से पहले सक्षम प्राधिकारी से पूर्व स्वीकृति लेना आवश्यक है।
3. नियम का आधार: अनुमति देते समय संबंधित प्राधिकारी CCS (Conduct) Rules, 1964 के Rule 15(1)(c) के तहत सभी प्रासंगिक तथ्यों पर विचार करेगा।
सरकारी कर्मचारियों के लिए इसका क्या मतलब है?
यदि कोई केंद्रीय सरकारी कर्मचारी किसी संस्था, समिति, संघ या धार्मिक-सामाजिक संगठन के चुनाव में भाग लेना चाहता है, तो उसे निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना होगा:
- चुनाव लड़ने या पद ग्रहण करने से पहले अपने विभाग से अनुमति लेनी होगी।
- वह अधिकतम दो कार्यकाल या पाँच वर्ष तक ही चुनावी पद पर रह सकेगा।
- यह नियम संस्था के पंजीकृत या अपंजीकृत होने की स्थिति से प्रभावित नहीं होगा, यानी दोनों ही तरह की संस्थाओं पर समान रूप से लागू होगा।
निष्कर्ष
लोकसभा में दिए गए इस जवाब से स्पष्ट हो गया है कि केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए चुनावी पद धारण करने संबंधी DoPT के दिशा-निर्देश व्यापक रूप से लागू होते हैं—चाहे मामला किसी खेल संघ का हो, धार्मिक-सामाजिक समिति का हो या फिर किसी ट्रस्ट/सोसायटी का। किसी भी संगठन में चुनाव लड़ने या पद ग्रहण करने से पहले विभागीय अनुमति लेना और निर्धारित समय-सीमा (दो कार्यकाल/पाँच वर्ष) का पालन करना अनिवार्य है।

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