8वां वेतन आयोग: फिटमेंट फैक्टर, पेंशन और भत्तों के बाद CGEGIS में बड़े बदलाव की मांग, बीमा कवर बढ़ाने की तैयारी

8th Pay Commission

8वां वेतन आयोग: फिटमेंट फैक्टर, पेंशन और भत्तों के बाद CGEGIS में बड़े बदलाव की मांग, बीमा कवर बढ़ाने की तैयारी

अपडेट: सितंबर 2026  |  विषय: 8th CPC, CGEGIS, फिटमेंट फैक्टर, पेंशन

8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें केवल फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन या पेंशन रिवीजन तक सीमित नहीं हैं। कर्मचारी संगठनों की ओर से Central Government Employees Group Insurance Scheme (CGEGIS) के बीमा कवर, मासिक योगदान और पूरी योजना की समीक्षा की मांग भी उठाई जा रही है।

8वें वेतन आयोग में CGEGIS क्यों चर्चा में है?

8वें केंद्रीय वेतन आयोग की बैठकों में कर्मचारी और पेंशनर संगठन वेतन-पेंशन से जुड़े अलग-अलग मुद्दे उठा रहे हैं — फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन, पेंशन रिवीजन, महंगाई राहत और भत्तों के अलावा कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं। इसी क्रम में CGEGIS में बदलाव की मांग सामने आई है।

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यह योजना वर्ष 1982 में शुरू हुई थी और इसके बीमा कवर में लंबे समय से अपेक्षित बदलाव नहीं हुआ है, जबकि इस अवधि में वेतन, जीवन-यापन की लागत और परिवारों की वित्तीय जरूरतों में काफी बदलाव आया है।

CGEGIS क्या है?

CGEGIS यानी Central Government Employees Group Insurance Scheme केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए बीमा और बचत से जुड़ी योजना है। इसका मूल उद्देश्य दो प्रकार की वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराना है:

  • कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होने पर परिवार को बीमा राशि उपलब्ध कराना।
  • सेवा समाप्त होने पर कर्मचारी को बचत निधि के माध्यम से एकमुश्त राशि उपलब्ध कराना।

7वें केंद्रीय वेतन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार CGEGIS वर्ष 1982 में लागू हुई थी और यह एक contributory तथा self-financing social security scheme के रूप में बनाई गई थी।

अभी CGEGIS में कितना बीमा कवर है?

यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है — CGEGIS की मौजूदा व्यवस्था और 7वें वेतन आयोग की सिफारिश अलग-अलग चीजें हैं। 7वें CPC ने बीमा कवर और मासिक योगदान को काफी बढ़ाने की सिफारिश की थी:

कर्मचारी का स्तर7वें CPC की अनुशंसित मासिक सदस्यताअनुशंसित बीमा कवर
Level 10 और उससे ऊपर₹5,000₹50 लाख
Level 6 से 9₹2,500₹25 लाख
Level 1 से 5₹1,500₹15 लाख
कर्मचारी संगठनों के अनुसार 7वें CPC की ये CGEGIS सिफारिशें लागू नहीं हुईं — FNPO ने अपने 8वें CPC मेमोरेंडम में भी इसका उल्लेख किया है। यानी ₹15 लाख, ₹25 लाख और ₹50 लाख को मौजूदा लागू बीमा कवर समझना सही नहीं होगा; ये 7वें CPC की अनुशंसित राशियां थीं।

कर्मचारी संगठन अब क्या मांग रहे हैं?

8वें वेतन आयोग के लिए प्रस्तुत विभिन्न प्रस्तावों में CGEGIS के बीमा कवर को वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप बढ़ाने की मांग की गई है। FNPO ने अपने मेमोरेंडम में 7वें CPC द्वारा सुझाए गए बढ़े हुए बीमा कवर को लागू करने और भविष्य में वेतन संशोधन के साथ इसे संशोधित करने की बात कही है, साथ ही नियमित actuarial review की भी मांग की है।

कुछ रिपोर्टों में FNPO से जुड़ी मांग के तहत Group C के लिए ₹1 करोड़, Group B के लिए ₹1.50 करोड़ और Group A के लिए ₹3 करोड़ तक के बीमा कवर की मांग बताई गई है।

ध्यान रहे: ये कर्मचारी संगठनों की मांगें हैं, सरकार या 8वें CPC द्वारा स्वीकृत राशि नहीं।

बीमा और बचत के अनुपात में बदलाव की मांग

CGEGIS में कर्मचारी से मिलने वाला योगदान Insurance Fund और Savings Fund में बांटा जाता है। 7वें CPC ने mortality और life expectancy में बदलाव को देखते हुए इस अनुपात में संशोधन की सिफारिश की थी। FNPO के 2026 के मेमोरेंडम में 7वें CPC के प्रस्तावित 75:25 Savings-to-Insurance ratio को बनाए रखने और नियमित actuarial review की मांग की गई है।

वहीं मीडिया रिपोर्टों में FNPO की ओर से बीमा सुरक्षा को अधिक प्राथमिकता देने तथा DA के निर्धारित स्तर से ऊपर जाने पर बीमा कवर में स्वतः वृद्धि का प्रस्ताव भी बताया गया है।

DA बढ़ने के साथ बीमा कवर बढ़ाने का प्रस्ताव

एक प्रस्ताव के अनुसार जब Dearness Allowance (DA) 50% से ऊपर जाए, तो बीमा कवर में स्वतः 25% की वृद्धि का प्रावधान होना चाहिए, ताकि महंगाई और वेतन संरचना में बदलाव के साथ कर्मचारी की सामाजिक सुरक्षा भी बढ़ती रहे। यह अभी एक कर्मचारी संगठन का प्रस्ताव है, लागू सरकारी नियम नहीं।

8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर की भी चर्चा

CGEGIS के साथ-साथ फिटमेंट फैक्टर भी प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। अलग-अलग संगठनों ने अलग-अलग आंकड़े प्रस्तावित किए हैं — AIFPA ने 3.83 का प्रस्ताव रखा है, जबकि BPMS से जुड़े प्रस्ताव में 4.00 का आंकड़ा सामने आया है। अभी तक आयोग ने कोई अंतिम फिटमेंट फैक्टर घोषित नहीं किया है, इसलिए इन्हें निश्चित वेतन वृद्धि मानना सही नहीं होगा।

पेंशनर्स के लिए भी कई मांगें

  • पेंशन रिवीजन
  • न्यूनतम पेंशन में वृद्धि
  • महंगाई राहत (DR) में बदलाव
  • पेंशन कम्यूटेशन से जुड़े मुद्दे
  • DR के भुगतान और संशोधन की व्यवस्था
  • कुछ संगठनों द्वारा OPS से जुड़े प्रस्ताव

क्या 8वें CPC में CGEGIS का कवर निश्चित रूप से बढ़ेगा?

अभी ऐसा कहना जल्दबाजी होगी। कर्मचारी संगठनों ने अपने-अपने ज्ञापन में कई प्रस्ताव दिए हैं। आयोग इन सुझावों, वित्तीय प्रभाव, आर्थिक परिस्थितियों और सरकारी संसाधनों का अध्ययन करने के बाद अपनी सिफारिशें देगा, जिसके बाद अंतिम निर्णय केंद्र सरकार लेगी।

8वें वेतन आयोग की मौजूदा स्थिति

8वां केंद्रीय वेतन आयोग 3 नवंबर 2025 को गठित किया गया था। आयोग की अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं, प्रोफेसर पुलक घोष पार्ट-टाइम सदस्य और पंकज जैन सदस्य-सचिव हैं। सितंबर 2026 में आयोग ने चंडीगढ़ में केंद्रीय कर्मचारियों, यूनियनों और अन्य हितधारकों के साथ बैठकें कीं।

केंद्रीय कर्मचारियों को अभी क्या समझना चाहिए?

8वें वेतन आयोग से जुड़ी खबरों में सबसे जरूरी अंतर "मांग" और "सरकारी फैसला" के बीच करना है:

मुद्दावर्तमान स्थिति
फिटमेंट फैक्टर 3.83/4.00कर्मचारी/पेंशनर संगठनों की मांग
न्यूनतम वेतन में बड़ी वृद्धिविभिन्न संगठनों के प्रस्ताव
CGEGIS कवर बढ़ानाकर्मचारी संगठनों की मांग
₹1 करोड़ तक Group C कवरसंगठन द्वारा प्रस्तावित/रिपोर्टेड मांग
DA के साथ CGEGIS कवर बढ़ानाप्रस्तावित मांग
पेंशन रिवीजनपरामर्श प्रक्रिया में प्रमुख मुद्दा
DR में बदलावपेंशनर संगठनों की मांग
अंतिम वेतन संरचनाअभी तय नहीं

निष्कर्ष

8वें वेतन आयोग की चर्चा अब केवल Fitment Factor और Basic Pay तक सीमित नहीं रह गई है। कर्मचारी संगठनों की ओर से CGEGIS को मजबूत करने की मांग भी सामने आ रही है, ताकि कर्मचारी और उसके परिवार को मिलने वाली बीमा सुरक्षा वर्तमान वेतन, महंगाई और जीवन-यापन की लागत के अनुरूप हो।

हालांकि, ₹1 करोड़ या उससे अधिक का बीमा कवर, DA से लिंक करके कवर बढ़ाने या अन्य बदलावों को अभी अंतिम सरकारी निर्णय नहीं माना जा सकता — ये अलग-अलग कर्मचारी संगठनों द्वारा 8वें CPC के समक्ष रखे गए प्रस्ताव हैं। अब देखना यह होगा कि आयोग अपनी अंतिम सिफारिशों में इन मुद्दों पर क्या निर्णय लेता है और केंद्र सरकार किन प्रस्तावों को स्वीकार करती है।

स्रोत: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को कर्मचारी/पेंशनर संगठनों (FNPO सहित) द्वारा प्रस्तुत मेमोरेंडम एवं सार्वजनिक रिपोर्ट। सभी आंकड़े प्रस्ताव/मांग स्तर पर हैं, आधिकारिक घोषणा नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

CGEGIS क्या है?

Central Government Employees Group Insurance Scheme केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए बीमा और बचत से जुड़ी योजना है, जो 1982 में शुरू हुई थी।

क्या CGEGIS का बीमा कवर बढ़ाया जा चुका है?

नहीं। 7वें CPC ने बीमा कवर बढ़ाने की सिफारिश की थी, लेकिन कर्मचारी संगठनों के अनुसार वह सिफारिश लागू नहीं हुई। अभी यह 8वें CPC के समक्ष एक मांग है।

क्या CGEGIS में ₹1 करोड़ का कवर तय हो गया है?

नहीं। यह कुछ कर्मचारी संगठनों की मांग/प्रस्ताव है। सरकार या 8वें CPC ने अभी इसे स्वीकृत नहीं किया है।

क्या फिटमेंट फैक्टर 3.83 या 4.00 तय हो गया है?

नहीं। ये अलग-अलग संगठनों के प्रस्ताव हैं। 8वें वेतन आयोग ने अभी कोई अंतिम फिटमेंट फैक्टर घोषित नहीं किया है।

8वां वेतन आयोग कब गठित हुआ था?

8वां केंद्रीय वेतन आयोग 3 नवंबर 2025 को गठित किया गया था, जिसकी अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं।

अस्वीकरण: यह लेख विभिन्न कर्मचारी/पेंशनर संगठनों द्वारा 8वें वेतन आयोग के समक्ष प्रस्तुत मांगों और सार्वजनिक रिपोर्टों पर आधारित है। इसमें उल्लिखित राशियां और प्रस्ताव अभी आधिकारिक सरकारी निर्णय नहीं हैं। पाठकों को आधिकारिक अधिसूचना जारी होने तक इसे केवल जानकारी के तौर पर लेना चाहिए। CCS Diary इस लेख के आधार पर लिए गए निर्णयों के लिए उत्तरदायी नहीं है।

Comments